Manasi

त्रिपुरारी पौर्णिमा माहिती आणि कथा

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मराठी सण / मराठी फेस्टिवल / मराठी फेस्टिवल्स (Marathi San / Marathi Festival / Marathi Festivals) 
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कार्तिक पौर्णिमा ही त्रिपुरारी पौर्णिमा म्हणून साजरी केली जाते.
 
 पौराणिक पार्श्वभूमी

त्रिपुरासूर नावाच्या राक्षसाने खडतर तप करून ब्रह्मदेवाकडून शत्रुंपासून भय राहणार नाही असा वर मागून घेतला या वरामुळे उन्मत्त होऊन तो सर्व लोकांना व देवांनासुध्दा खूप त्रास द्यायला लागला. त्रिपुरासूराची तीन नगरे असून त्याला अभेद्य तट होता. त्यामुळे देवांनाही त्याचा पराभव करता येईना. देवांनी भगवान शंकराची अखेर प्रार्थना केली. तेव्हा शंकरांनी त्याची तिन्ही नगरे जाळून त्याला ठार केले. कार्तिक पौर्णिमेच्या दिवशी ही घटना घडल्यामुळे तिला त्रिपुरारी पौर्णिमा म्हटल्या जाऊ लागले. या दिवशी घरात, घराबाहेर व देवळातही दिव्याची आरास करून व नदीत दीपदान करून लोक आनंदोत्सव साजरा करतात.

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